सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की बच्चा राय की जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार टॉपर घोटाले के मास्टरमाइंड बच्चा राय को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत को निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि बच्चा राय को जेल से रिहा नहीं करना चाहिए था. बच्चा राय को पटना हाईकोर्ट ने फरवरी में जमानत दे दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी. आज सुप्रीम कोर्ट में मामले पर सुनवाई के दौरान बच्चा राय के वकील ने दलील दी थी कि उन्हें जमानत दी जाए. अभियुक्त करीब नौ महीने जेल में गुजार चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. सुप्रीम कोर्ट में बच्चा राय ने कहा था कि उसके ऊपर लगे आरोप झूठे हैं और उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं. उसने कहा था कि मेरी बेटी के रिजल्ट को कदाचार कमेटी ने क्लीन चिट दे दी थी. जो रकम रिकवर हुआ वो भी उसके कॉलेज से नहीं हुआ है. आपको बता दें कि छह मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बच्चा राय की रिहाई पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी थी. पटना हाईकोर्ट ने बच्चा राय को जमानत देने दी थी, जिसके खिलाफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. बिहार सरकार की याचिका में कहा गया है कि बच्चा राय के जेल के बाहर रहने से ट्रायल प्रभावित हो सकता है. टॉपर घोटाले का मास्टरमाइंड बच्चा राय ही है और इसने बिहार की शिक्षा प्रणाली को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है. आपको बता दें कि बिहार टॉपर घोटाला सामने आने के बाद एसआईटी ने बच्चा राय के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी, फर्जी कागजात तैयार करने और संपत्ति का दुरुपयोग करने का मामला दर्ज किया था. बच्चा राय को बिहार पुलिस ने यूपी के वाराणसी से गिरफ्तार किया था. पटना हाईकोर्ट ने बच्चा राय को 14 फरवरी को सशर्त जमानत दे दी थी. पटना हाईकोर्ट ने कहा था कि तीस दिनों के भीतर आरोप पत्र दायर किया जाए और अगर तीस दिनों में आरोप पत्र दायर नहीं किया गया तो ऐसी स्थिति में बच्चा राय को जमानत दे दी जाएगी.

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *