महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का आज 68वां जन्मदिन

क्रिकेट इतिहास के महान सलामी बल्लेबाजों में शुमार किए जाने वाले सुनील गावस्कर का आज 68वां जन्मदिन है। लिटिल मास्टर और सनी के नाम से मशहूर गावस्कर का जन्म 10 जुलाई 1949 को बॉम्बे (मुंबई) में हुआ था। उन्होंने स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल से हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कालेज दाखिला लिया और वहां से ग्रेजुएशन की। सुनील गावस्कर को शुरू से ही क्रिकेट में रूचि थी। उन्होंने स्कूल और कॉलेज में ही कई टूर्नामेंट खेले। सुनील गावस्कर ने साल 1966 में रणजी में डेब्यू किया। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्हें 1971 में वेस्टइंडीज दौरे के लिए चुना गया और इस दौरे से वे फेमस हो गए। 1975 में गावस्कर को ‘अर्जुन पुरस्कार’ मिला। 1980 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान से नवाजित किया गया। गावस्कर की तकनीक गजब की थी और उनकी एकाग्रता भी देखते ही बनती थी।सुनील गावस्कर ने अपने क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड बनाए। सुनील गावस्कर अकेले ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 24 टेस्ट मैचों में 2083 रन, वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 टेस्ट मैचों में 2749 रन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 20 टेस्ट मैचों में 1550 रन और इंग्लैंड के खिलाफ 38 टेस्ट मैचों में 2483 रन बनाए। उन्होंने 34 शतक बनाकर सबसे पहले डॉन ब्रेडमेन का रिकॉर्ड तोड़ा और वे पहले ऐसे बल्लेबाज बने जिन्होंने सबसे पहले 10,000 रन बनाए।सुनील गावस्कर ने क्रिकेट के ऊपर कई किताबें भी लिखी हैं जिनमें सनी डेज, आइडल्स, रंस एण्ड रूइंस तथा वन डे वंडर्स शामिल हैं। सुनील गावस्कर आज भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से जुड़े हुए हैं और क्रिकेट में योगदान दे रहे हैं।हालांकि 1980 में पद्म भूषण से सम्मानित हुए गावस्कर को केवल टेस्ट स्तर का बल्लेबाज ही माना जाता रहा है। उनके एक दिवसीय रिकॉर्ड भी यही कहानी बयां करते हैं। उनके नाम वनडे में केवल एक ही शतक दर्ज है। वो भी उन्होंने अपने कॅरियर के अन्तिम विश्व में लगाया है।एक बार तो उन्होंने वनडे में भी टेस्ट क्रिकेट की कलात्मकता का प्रदर्शन करते हुए 60 ओवरों के वनडे मैच में बतौर सलामी बल्लेबाज उतरकर नाबाद रहते हुए केवल 36 रन की पारी खेली थी। वनडे में इस तरह से बल्लेबाजी करने के कारण उन्हें उस समय काफी आलोचना का भी सामना करना पड़ा था।उनका डिफेंस इतना जबरदस्त था कि उन्हें छकाकर आउट करना काफी मुश्किल होता था। वे फ्रंट और बैकफुट दोनों पर लाजवाब थे। साथ ही गेंदबाज की लाइन लैंथ परखने में भी चूकते नहीं थे। सनी के पास किताब का हर शॉट था। बल्लेबाजी के बहुत से रिकॉर्ड कई वर्षों तक उनके ही खाते में थे। वे एक समय टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जमाने वाले बल्लेबाज थे और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने उनका रिकॉर्ड तोड़ा था।

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