राशन दुकानें होंगी बंद, सीधे खाते में जाएगी सब्सिडी

प्रदेश सरकार आने वाले समय में धीरे-धीरे राशन की दुकानों को बंद कर अनाज का पैसा सीधे राशन कार्ड धारकों के खाते में भेजने की तैयारी कर रही है. सरकारी खाद्यान्न तथा मिट्टी के तेल की चोरी और भ्रष्टाचार रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना (डीबीटीएल) के तहत पहले चरण में मिट्टी के तेल की सब्सिडी सीधे खाते में भेजी जाएगी. बागपत सहित कुछ जगह प्रयोग के तौर पर मिट्टी के तेल का पैसा सीधे कार्डधारकों के खाते में जल्द जल्द भेजा जाएगा. हर महीने 10 करोड़ लीटर खपत है केरोसिन की प्रदेश में करीब 80 हजार राशन की दुकानों से चार करोड़ कार्ड धारक केरोसिन लेते हैं. ये खाद्य रसद विभाग की अन्त्योदय योजना और पात्र गृहस्थी श्रेणी के हैं. प्रदेश में हर माह 10 करोड़ लीटर मिट्टी तेल की खपत है. हर राशन कार्ड पर हर महीने 2 से 25 लीटर तक केरोसिन दिया जाता है. केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने लगभग 90 फीसदी राशन कार्ड धारकों को आधार कार्ड से लिंक करा दिया है. साथ ही आधार कार्ड से कार्ड धारकों के बैंक खाते पहले से ही लिंक हैं. पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर पूरे प्रदेश में लागू होगा मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन योजना के तहत प्रदेश में 86 लाख अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं. केन्द्र की मंशा है कि मिट्टी के तेल पर दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर दी जाए. इसके तहत बीपीएल श्रेणी का कोई कार्ड धारक गैस कनेक्शन से वंचित रह जाता है तो उसे मिट्टी के तेल की सब्सिडी ‘डीबीटीएल’ योजना के तहत खाते में सीधे भेज दी जाएगी. मिट्टी के तेल की सब्सिडी सीधे खाते में भेजने का पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा. इसके बाद यही योजना राशन के अनाज पर भी लागू की जाएगी. मिट्टी तेल की कीमत में हर माह 50 पैसे प्रति लीटर का इजाफा तेल कंपनियां मिट्टी का तेल लेने के प्रति कार्ड धारकों को हतोत्साहित करने के लिए उसकी कीमत में हर माह 50 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर रही हैं. मौजूदा समय में राशन की दुकानों में मिट्टी के तेल की कीमत 21.40 रुपये प्रति लीटर है.

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