गुलामी की निशानी है ताजमहल, इसे गिराएं मैं साथ दूंगा : आजम

पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए ताजमहल को गुलामी की निशानी बताया और कहा कि प्रदेश सरकार को इसे गिरा देना चाहिए, यदि सरकार ऐसा करती है तो मैं साथ दूंगा. अपने तंज को आगे बढ़ाते हुए आजम ने इसके साथ ही कुतुबमीनार, लालकिला, आगरा का किला, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन को भी गुलामी की निशानी बताया है. उप्र पर्यटन विभाग की किताब से प्रदेश सरकार द्वारा ताजमहल को हटाए जाने के सवाल पर पत्रकारों से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा कि मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं और यह भी कहना चाहूंगा की यह फैसला देर से हुआ और अधूरा हुआ. ताज महल, कुतुबमीनार, दिल्ली का लाल किला, आगरा का किला, पार्लियामेंट और राष्ट्रपति भवन गुलामी की निशानी है. आजम ने कहा कि यह अच्छी पहल है और मेरे ख्याल से तो एक जमाने में बात चली थी की ताजमहल को गिराना चाहिए, अगर ऐसा होगा और योगी जी इस तरह का निर्णय लेंगे और हमारा पूरा सहयोग रहेगा, हम साथ चलेंगे. बाबरी मस्जिद में तो नहीं दे सकते थे क्योंकि वो अल्लाह का घर था, लेकिन ताजमहल मकबरा है गुलामी की निशानी है. योगी जी ने कहा भी है कि मुगल हमारे भी पूर्वज नहीं हैं, इन अपमान की गुलामी की निशानी को ध्वस्त कर देना चाहिए. सीएम योगी के पांच दिन गोरखपुर में रहने के सवाल पर आजम ने कहा कि पूरी दुनिया में इस पर बहस है, देश के दूसरे नंबर का बादशाह इतना धार्मिक हो ये अच्छी बात है, योगी जी वहीं से सरकार चलाएं तो वो ज्यादा पवित्र सरकार होगी. वहीं विधान सभा बुलाएं मैं भी आऊंगा. हम दुनिया के लिए एक नमूना बन रहे हैं. आज की सरकार सत्ता में बने रहने के लिए जो कुछ कर रही है, पूरी दुनिया के लिए रास्ता बन रहा है.

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