धान अधिप्राप्ति की समीक्षा बैठक सम्पन्न, किसानों से अब 200 क्विंटल तक खरीद की सीमा तय

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति (2017-18) की समीक्षा बैठक  की गयी। समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव सहकारिता द्वारा बताया गया कि इस वर्ष 19 सितंबर से किसानों का निबंधन शुरु हो गया था, अब तक 68 हजार किसानों का निबंधन पूर्ण हो गया है। धान की नमी को लेकर इस वर्ष 40 व्यापार मंडल को ड्रायर मशीन उपलब्ध करायी जा रही है। बैठक में प्रधान सचिव ने बताया कि सहकारिता उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आपसी विमर्श में अधिप्राप्ति की निर्धारित मात्रा को बढ़ाने की मांग की गई थी। इस पर विचारोपरांत रैयत एवं गैर रैयत श्रेणी के कृषकों से अधिप्राप्ति की निर्धारित मात्रा क्रमषः 150 क्विंटल से 200 क्विंटल एवं 50 क्विंटल से 75 क्विंटल करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि अधिप्राप्ति कार्यों में प्रयुक्त राज्य सरकार की राशि का सूद दर 7 प्रतिशत राज्य के सरकारी बैंकों को और पैक्सों को 8 प्रतिशत की सीमा में उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही अधिप्राप्ति कार्य के संचालन में प्रबंधकीय अनुदान स्वरुप संचालन क्षतिपूर्ति स्वरुप व्यापार मंडलों को 10 रुपए प्रति क्विंटल, जिला सहकारी बैंकों को 5 रुपए प्रति क्विंटल एवं राज्य सहकारी बैंकों को 50 पैसा प्रति क्विंटल चावल पर अधिप्राप्ति अनुदान दी जायेगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार, राज्य सहकारी बैंक को 650 करोड़ रुपया अग्रिम उपलब्ध करा चुकी है। सहकारी बैंकों को अगर अतिरिक्त जरुरत हुई तो एनसीडीसी, नाबार्ड आदि से लोन ले सकते हैं, सरकार इसके लिए गारंटी उपलब्ध कराएगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जो भी पैक्स गड़बड़ी कर रहे हैं तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाय। अधिप्राप्ति से ज्याद से ज्यादा किसानों को फायदा हो यही हमारा मुख्य उद्देश्य है। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि किसी भी स्थिति में किसानों को कम दाम पर धान बेचने की स्थिति उत्पन्न न हो, अविलंब अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लायी जाय। धान अधिप्राप्ति हेतु अनुमान्य न्यूनतम नमी की मात्रा को 17 से 19 प्रतिशत किये जाने हेतु भारत सरकार से सहमति प्राप्त करने हेतु अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पूरी अधिप्रप्ति प्रक्रिया को तकनीक आधारित एवं प्रावधान अनुरूप सुनिष्चित करने हेतु लगातार कड़ाई से अनुश्रवण करने का भी निर्देश दिया गया। समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, सहकारिता मंत्री राणा रंधीर सिंह, खाद्य उपभोक्ता एवं संरक्षण संरक्षण मंत्री मदन सहनी, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव वित्त सुजाता चतुर्वेदी, प्रधान सचिव सहकारिता अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, सचिव खाद्य उपभोक्ता एवं संरक्षण विभाग, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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