व्यापमं मामले में CBI ने दायर किया नया आरोप-पत्र

सीबीआई ने मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के जरिए 2011 में अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता के एक मामले में आज 95 लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया। अधिकारियों ने यहां जानकारी दी। सीबीआई ने अपने आरोप-पत्र में 83 उम्मीदवारों, व्यापमं के चार अधिकारियों और आठ बिचौलियों को नामजद किया है। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि, ‘व्यापमं के तत्कालीन प्रधान सिस्टम एनालिस्ट के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में रखी फाइलों से खुलासा हुआ कि कुछ अभ्यर्थियों के अंक कथित तौर पर बढ़ाए गए ताकि वे उक्त परीक्षा में उत्तीर्ण हो सकें।’ उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की ओएमआर उत्तर-पुस्तिकाओं से इसका सत्यापन किया गया और पाया गया कि अंतिम नतीजे में 84 अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए थे ताकि वे परीक्षा के लिए उत्तीर्ण हो सके। दयाल ने कहा कि, ‘एक उम्मीदवार फरार है और मामले की जांच चल रही है।’ सीबीआई ने आरोप लगाया है कि व्यापमं के तत्कालीन प्रधान सिस्टम एनालिस्ट को आरोपी लोक सेवकों ने अभ्यर्थियों का ब्योरा मुहैया कराया था। उसके कंप्यूटर की जांच से पता चला कि उसने अभ्यर्थियों और उनकी सिफारिश करने वालों के ब्योरे वाली एक निजी फाइल बना रखी थी। प्रवक्ता ने कहा कि नतीजे आने से पहले अधिकारी ने पसंदीदा अभ्यर्थियों का एक अन्य डेटाबेस बना लिया था। उन्होंने कहा कि, ‘यह आरोप भी लगाया गया कि नतीजों के डेटाबेस में उसने अभ्यर्थियों की जरूरत के मुताबिक अंक बढ़ा दिए ताकि वे परीक्षा पास कर सकें और इसके बाद 84 आरोपी उम्मीदवारों की ओर से हासिल किए गए वास्तविक अंकों को नतीजों की फाइल से मिटा दिया गया।’ प्रवक्ता ने बताया कि ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं में वह कोई बदलाव नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि, ‘आरोपी अभ्यर्थियों की ओर से हासिल किए गए असल अंक, ओएमआर शीट के मुताबिक, नतीजे में बताए गए अंकों से कम थे।’

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