अब खुदरा सिगरेट बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

राज्य में करीब  सात फीसद  आबादी  सिगरेट पीती है, लेकिन  यहां खुदरा बिक्री पर रोक लगा दी गई है। ऐसा करने वाला बिहार देश का 12 वां प्रदेश बन गया।

पटना :-  राज्य सरकार ने प्रदेश में सिगरेट की खुदरा बिक्री पर रोक लगा दी है। इससे पहले उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, सिक्किम, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मिजोरम, चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली ने भी खुली सिगरेट की बिक्री पर रोक लगा रखी है। ऐसा करने वाला बिहार देश का 12 वां प्रदेश बन गया।

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति की छठी बैठक में खुली सिगरेट की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया गया।

उन्होंने बताया कि सभी जिलों के डीएम और एसपी को आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोटपा के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। खुली सिगरेट की बिक्री रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए छापेमारी करने को कहा गया है।

तंबाकू नियंत्रण अधिनियम की धारा सात के तहत सभी तरह के तंबाकू उत्पादों के पैकेट के 85 फीसद भागों पर चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी देना अनिवार्य है। इसके बिना तंबाकू उत्पाद नहीं बेचे जा सकते हैं। सिगरेट की खुदरा बिक्री में इस अधिनियम का सरासर उल्लंघन होता है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में राज्य सरकार की सहयोगी तकनीकी संस्था सोशिओ इकोनामिक एंड एजुकेशन डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा के अनुसार पूरे देश में 78 से 80 फीसद खुली सिगरेट ही बेची जाती है।

देश में तंबाकू जनित रोगों से हर साल 12 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। तंबाकू जनित उत्पादों पर रोक नहीं लगने पर आने वाले समय में स्थिति और ज्यादा गंभीर होगी और मरने वालों की तादाद दोगुनी से अधिक हो जाएगी। एक सर्वे के अनुसार बिहार में करीब 53. 5 फीसद वयस्क किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं।

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