विकास की शक्ल में ब्याज समेत लौटाएँगे पूर्वोत्तर का आशीर्वाद : मोदी

नयी दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय के चुनाव परिणामों को केन्द्र सरकार की कार्यशैली एवं पार्टी संगठन की शक्ति के सहारे लोगाें का विश्वास जीतने में कामयाबी का प्रमाण बताते हुये आज कहा कि वह पूर्वोत्तर की जनता के प्यार एवं आशीर्वाद को ब्याज समेत विकास की शक्ल में वापस करेंगे।  मोदी ने यहाँ भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं काे संबोधित करते हुए कहा, “मैंने ऐसा सुना है कि भवन निर्माण के समय वास्तुशास्त्र के जानकार लोगों का फोकस उत्तर-पूर्व कोने पर होता है। इमारत का पूर्वोत्तर वाला कोना सबसे महत्वपूर्ण होता है। मुझे खुशी है कि देश का उत्तर-पूर्वी कोना विकास की यात्रा का नेतृत्व करने के लिए आगे आया है।” उन्होंने कहा, “हम जब भी प्रचार के लिए पूर्वोत्तर गये तो हमने कहा था कि आप जो प्यार और आशीर्वाद दे रहे हैं, हम ब्याज समेत लौटाएंगे। आज भी कह रहे हैं कि आपके प्यार और आशीर्वाद को विकास की शक्ल में ब्याज के साथ लौटाएंगे। तभी चैन से बैठेंगे।” प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के राज का खुलासा करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद 2014 में दिल्ली में पूर्वोत्तर के बच्चों के साथ अत्याचार का मामला उठा था। तब गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सक्रियता से कदम उठाये थे और उन बच्चों के साथ नियमित बैठकें करके उनमें विश्वास कायम किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस में पूर्वोत्तर के लोगों की भर्ती का कोटा तय किया गया। यह पूर्वोत्तर को पहला राजनीतिक संदेश था कि दिल्ली में ऐसी सरकार आ गयी है जो उनकी परवाह करती है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी सरकार के समय गठित पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास विभाग को सक्रिय किया गया और यह मंत्रालय मोबाइल बनाया गया। हर माह इस विभाग का सचिवालय किसी एक राज्य में कुछ दिन के लिए रहता है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद 2014 तक केन्द्रीय मंत्रियों के जितने दौरे वहां हुए, उतने दौरे 2014 से अब तक मात्र चार साल में हो चुके हैं। हर पखवाड़े एक केन्द्रीय मंत्री वहां किसी जिले में 24 घंटे गुजारता है।  मोदी ने कहा, “पूर्वोत्तर के लोगों को लगता था कि दिल्ली दूर है लेकिन हमने दिल्ली को उनके दरवाज़े पर जाकर खड़ा कर दिया।” उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों में जो एलिनिएशन (विलगाव) का भाव था, उसे खत्म करने का बीड़ा उठाया और चुपचाप काम करते रहे।”

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